एआईजी प्रशासन ने आंख बंद कर किए तबादले!

प्रशिक्षण पूरा करने वाले 40 डिप्टी जेलर को मिली तैनाती डिप्टी जेलरों के तबादलों में फिर हुई जमकर वसूली

एआईजी प्रशासन ने आंख बंद कर किए तबादले!
कारागार विभाग, प्रशिक्षण पूरा करने वाले 40 डिप्टी जेलर को मिली तैनाती

लखनऊ। एआईजी प्रशासन का महानिदेशक कारागार को गुमराह करके तबादले किए जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। स्थानांतरण सत्र के दौरान जेलर का तबादला पांच मीटर दूर किए जाने के मामले का अभी निस्तारण हो नहीं पाया था कि एक और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। एआईजी कारागार प्रशासन ने आंख बंद करके प्रशिक्षण पूरा करने वाले डिप्टी जेलरों का तबादला कर दिया। यह सच एआईजी कारागार प्रशासन की सोमवार को डिप्टी जेलरों के तबादलों को सूची में आसानी से देखा जा सकता है। उधर एआईजी प्रशासन ने गलती स्वीकार करने के बजाए इस गंभीर मसले पर चुप्पी साध रखी है।

स्थानांतरण सत्र के दौरान पुलिस महानिदेशक पीसी मीणा ने महानिदेशक कारागार का प्रभार संभाला था। विभाग में नए होने की वजह से तबादलों की जिम्मेदारी एआईजी कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह के हाथों में थी। एआईजी प्रशासन ने नए महानिदेशक कारागार को गुमराह करके जेलर और डिप्टी जेलर संवर्ग के अधिकारियों से मोटी रकम वसूल कर मनमाने तरीके से तबादले किए। जेलर संवर्ग के तबादले सूची में केंद्रीय कारागार नैनी में तैनात जेलर आनंद सिंह का तबादला जेल से पांच सौ मीटर दूर स्थित जिला कारागार प्रयागराज पर कर दिया। यह मामला विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बना रहा। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि एआईजी प्रशासन ने विभाग में न बाप बड़ा न भइया सबसे बड़ा रुपया वाली कहावत को सच साबित कर दिया।

चार जेल अधीक्षक हुए सेवानिवृत
30 जून को प्रदेश कारागार विभाग के चार जेल अधीक्षक सेवानिवृत हो गए। राजधानी की लखनऊ जिला जेल पर तैनात जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह, हरदोई जिला जेल पर तैनात सतीश चंद्र त्रिपाठी, जौनपुर जिला जेल पर तैनात विनय कुमार दूबे के साथ वाराणसी जेल पर अनियमिताओं के आरोप में निलंबित हुए जेल अधीक्षक उमेश सिंह भी सेवानिवृत हो गए। खबर लिखे जाने तक सेवानिवृत हुए जेल अधीक्षक के स्थान पर किसी भी अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई थी। बीते दिनों विभाग के करीब 13 जेलरों का प्रोन्नति देकर अधीक्षक बनाया गया था। एक अधीक्षक की बस्ती मंडलीय कारागार पर तैनाती हुई थी शेष प्रोन्नत अधीक्षकों की तैनाती होना अभी बाकी है।

अभी यह मामला निपट नहीं पाया था कि सोमवार को प्रशिक्षण पूरा करने वाले 40 डिप्टी जेलर की तबादला सूची जारी की गई। इस सूची में दो डिप्टी जेलरों को एक जेल से दूसरी जेल पर तैनात करने के बजाए जिस जेल पर तैनात थे उसी जेल पर फिर से तैनात कर दिया। तबादला सूची में 13 क्रमांक पर ग्रह जनपद बिजनौर के डिप्टी जेलर विक्रांत चौधरी को जिला कारागार बुलंदशहर से जिला कारागार बुलंदशहर पर ही तैनात किया गया है। इसी प्रकार सूची के क्रमांक 25 पर गृहजनपद रायबरेली की वंदना जायसवाल को केंद्रीय कारागार नैनी से केंद्रीय कारागार नैनी में ही तैनात कर दिया गया है। यह तबादले विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बने हुए है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है एआईजी कारागार प्रशासन उगाही के चक्कर में जेल बदलना ही भूल गए और उन्होंने इन डिप्टी जेलरों को तैनात जेल पर ही फिर से तैनात कर दिया। उधर इस संबंध में जब एआईजी कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह के सीयूजी नंबर 9454418152 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा।