एनसीपी (शरद पवार गुट) ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की उठाई मांग

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2025 — पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) ने जंतर-मंतर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया एवं राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़ित परिजनों को मुआवजा, आतंकियों पर कठोर कार्रवाई तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की गई। वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में एकजुटता व शांति का संदेश दिया गया।

एनसीपी (शरद पवार गुट) ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने की उठाई मांग
पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित व शोकसभा

नई दिल्ली। 29 अप्रैल 2025: नेशनलिस्ट काँग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक शोकसभा का आयोजन किया। इस अवसर पर पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीड़ितों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने, जिम्मेदार आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करने और देश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

शोकसभा का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया, जिसमें दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों से लगभग 200 से अधिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। सभा के दौरान वक्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि देश की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अमनदीप सिंह साहनी ने अपने संबोधन में कहा, "हम पीड़ितों के परिवारों के लिए केवल संवेदना नहीं, बल्कि जवाबदेही और न्याय की मांग करने आए हैं। हमें ऐसी घटनाओं से टूटे परिवारों के लिए आवाज़ उठानी होगी और आतंक के खिलाफ मजबूती से खड़े रहना होगा।"

एनसीपी (शरद पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांदे ने अपने वक्तव्य में कहा, "आतंकवादी हमारे समाज को बांटना चाहते हैं, लेकिन हम उनके मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे। हम एकजुट हैं, मजबूत हैं और आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

सभा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और समरसता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया और देशवासियों से अपील की गई कि वे आतंकवाद के विरुद्ध सरकार और समाज के साथ मिलकर एकजुट होकर खड़े हों।