कारागार विभाग का महानिदेशक कौन!
शासन ने दो अधिकारियों को बनाया महानिदेशक कारागार प्रमुख सचिव के साथ डीजी पुलिस को मिला डीजी जेल का प्रभार दो अफसरों की एक पद तैनाती ने नियुक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल
लखनऊ। प्रदेश कारागार विभाग महानिदेशक कौन? यह सवाल इन दिनों कारागार विभाग के अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शासन ने पुलिस महानिदेशक को बतौर महानिदेशक कारागार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा हैं, वहीं प्रमुख सचिव कारागार को भी महानिदेशक कारागार का प्रभार दिया गया। दो अधिकारियों के एक पद पर तैनाती का यह मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में कौतूहल का विषय बना हुआ है। इसको लेकर विभागीय अधिकारी पशोपेश में हैं। उधर शासन के वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2007 से पहले कारागार विभाग की कमान आईएएस के हाथ में थी। प्रमुख सचिव कारागार के पास महानिदेशक कारागार का प्रभार होता था। वर्ष 2007 में माया सरकार ने व्यवस्था में व्यापक फेरबदल किया। फेरबदल के तहत कारागार विभाग में आईएएस के स्थान पर आईपीएस तैनात किए जाने का फैसला किया गया। कारागार मुख्यालय की कमान आईपीएस के हाथों में और महानिदेशक कारागार का प्रभार प्रमुख सचिव के अधीन किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के तीन जेल परिक्षेत्रों लखनऊ, मेरठ और आगरा में आईपीएस और अन्य पर विभागीय डीआईजी तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान समय में यह व्यवस्था फाइलों में सिमट कर रह गई है। आलम यह है कि आईपीएस की रेंज में विभागीय डीआईजी तैनात कर रखे गए हैं।
| स्थानांतरण सत्र 202526 को खत्म होने में अब मात्र तीन दिन का समय शेष बचा हुआ है। तीन दिनों में दो दिन अवकाश के निकाल दे तो सिर्फ एक दिन ही बचा हुआ है। कारागार विभाग में अभी तक एक भी अधिकारी एवं कर्मचारी का तबादला नहीं हुआ है। सूत्र बताते है कि विभाग के समूह क, ख, ग और घ संवर्ग के सभी तबादलो की लिस्ट विभागीय मंत्री से विचार विमर्श और उनके अनुमोदन के बाद ही जारी होनी है। सूत्रों की मानें तो महंगाई की तरह तबादलों के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि की वजह से ट्रांसफर लिस्ट फंसी हुई हैं। सूत्रों की माने तो अधीक्षक संवर्ग में अस्सी लाख से डेढ़ करोड़, जेलर संवर्ग में चालीस से सत्तर लाख, डिप्टी जेलर संवर्ग में पांच से बीस लाख तक तो वार्डर और हेड वार्डर के लिए एक से डेढ़ लाख तक की डिमांड हो रही है। ऊंची बोली लगने की वजह से ट्रांसफर लिस्ट फंसी हुई बताई जा रही है। |
सूत्रों का कहना है कि बीती दिनों डीजी पुलिस/आईजी जेल पीवी रामाशास्त्री के सेवानिवृत होने के बाद शासन ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीसी मीणा को बतौर महानिदेशक कारागार के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। इसी के साथ ही प्रमुख सचिव कारागार को भी महानिदेशक कारागार का प्रभार दिया गया है।विभाग के एक पद पर दो अधिकारियों की तैनाती का यह मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग का महानिदेशक कारागार कौन है इसको लेकर अधिकारियों और कर्मियों में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। एक पर पर दो अधिकारियों की तैनाती ने नियुक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। इस मामले को लेकर जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से संपर्क करने का प्रयास किया तो कई प्रयासों के बाद भी उनसे बात नहीं हो पाई। उधर कारागार मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक पद पर दो अधिकारियों की तैनाती की बात तो स्वीकार की लेकिन इसे शासन का मामला बताते हुए और कोई भी टिप्पणी करने से साफ मना कर दिया।


