इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी की पहल 'ब्रज की रसोई': लखनऊ में जरूरतमंदों के लिए एक नई उम्मीद की किरण
लखनऊ में इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित 'ब्रज की रसोई' पहल गरीब और जरूरतमंदों को नि:शुल्क पौष्टिक भोजन प्रदान कर रही है। विपिन शर्मा की अगुवाई में यह सेवा सैकड़ों लोगों के लिए आशा की किरण बन चुकी है, जो नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में वितरित की जाती है। संस्था का उद्देश्य न केवल भूख मिटाना, बल्कि बच्चों को शिक्षा और जीवन की बुनियादी जरूरतों के प्रति जागरूक करना भी है।
लखनऊ। कहते हैं, सच्ची सेवा वही है जो किसी जरूरतमंद की मुश्किलों को हल्का कर सके। इसी भावना के साथ इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के संस्थापक विपिन कुमार शर्मा समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की मदद के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उनका मानना है कि मानवता का सबसे बड़ा उद्देश्य दूसरों की मदद करना है, और उन्होंने इसे अपने जीवन का मिशन बना लिया है।

वरिष्ठ सदस्य पंकज राय ने बताया इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के तहत संचालित ब्रज की रसोई गरीब और बेसहारा लोगों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। यह अनोखी पहल सैकड़ों जरूरतमंदों को निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराती है। भोजन में दाल, चावल, पूड़ी और सब्जी जैसे संतुलित और स्वच्छ व्यंजन शामिल होते हैं, जो स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हैं।

वहीं संस्था की राष्ट्रीय महिलाध्यक्ष रजनी शुक्ला ने कहा संस्था यह सुनिश्चित करती है कि भोजन वहीं पहुंचे, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हो। नियमित अंतराल पर विभिन्न चयनित क्षेत्रों में कैंप लगाकर जरूरतमंद बुजुर्गों, बच्चों और गरीब परिवारों को खाना वितरित किया जाता है।

संस्था के सदस्य संजय सिंह का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को केवल भूख के कारण अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। उनकी संस्था न केवल भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि बच्चों को शिक्षा और जीवन की बुनियादी जरूरतों के प्रति जागरूक भी करती है। उनका प्रयास है कि बच्चों को ऐसा माहौल मिले, जहां वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित हो सकें।

संस्था के सदस्य विशाल सक्सेना ने कहा संस्था का काम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। संस्था की टीम समाज के उन तबकों तक पहुंचने का प्रयास करती है, जो जीवन की बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह पहल उन निराश्रित, बेसहारा और निर्धन लोगों के लिए आशा का केंद्र बन गई है, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत सारस्वत ने बताया कि यह पहल सिर्फ सेवा का काम नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को यह संदेश देती है कि अगर हम सभी एक कदम बढ़ाएं, तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान किया जा सकता है। इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी की पहल "ब्रज की रसोई" की यह सेवा एक नई सोच और प्रेरणा का प्रतीक है, जो मानवता की सच्ची मिसाल पेश करती है।

सदस्य अशोक कुमार कहते है जरूरतमंदों के लिए किए जा रहे ये प्रयास न केवल उनके जीवन को बेहतर बना रहे हैं, बल्कि समाज को एकजुट होकर कार्य करने का संदेश भी दे रहे हैं।

रंजीत कश्यप ने जानकारी दी कि आज के निःशुल्क भोजन वितरण में आलू गोभी मिक्स व चावल रतन खंड पानी टंकी के पास स्थित झुग्गियों, निर्माणाधीन विद्यालय के श्रमिकों और उनके परिवारों, तथा जोन 8 के सामने की झुग्गियों में भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में करीब 920 लोगों को भोजन वितरित किया गया।

आज के निःशुल्क भोजन वितरण में पंकज राय, संजय सिंह, विशाल सक्सेना, प्रशांत सारस्वत, अजय कुमार सिंह, अशोक कुमार, नवल सिंह, मुकेश कनौजिया, रंजीत कश्यप, ध्रुब सक्सेना मास्टर गितेश सिंह एवं संस्था की राष्ट्रीय महिलाध्यक्ष रजनी शुक्ला सहित सभी समाजसेवियों का विपिन शर्मा ने आभार व्यक्त किया।


