कारागार विभाग में पांच आईपीएस और तीन विभागीय डीआईजी

दो नए आईपीएस संजीव त्यागी और प्रदीप गुप्ता को मिली तैनाती विभाग के दलित अफसर को एक और अन्य को सौंपी दो-दो जिम्मेदारियां हेमंत कुटियाल को कारागार से हटाकर एसएसएफ में भेजा गया

कारागार विभाग में पांच आईपीएस और तीन विभागीय डीआईजी
कारागार मुख्यालय

लखनऊ। प्रदेश कारागार विभाग में दो नए आईपीएस को बतौर उप महानिरीक्षक कारागार तैनात किया गया। पूर्व में तैनात एक आईपीएस डी आईजी को कारागार विभाग से हटाकर अन्यत्र तैनात कर दिया गया है। वर्तमान समय में कारागार विभाग में पांच आईपीएस और तीन विभागीय बतौर उप महानिरीक्षक (डीआईजी) तैनात है। विभाग में नए आईपीएस की तैनाती का मामला विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास भी लगाए जा रहे है।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अमिताभ यश में रविवार को 11 आईपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया। इस आदेश में अपर पुलिस आयुक्त आगरा कमिश्नरेट में तैनात संजीव त्यागी और डीआईजी दूरसंचार लखनऊ में तैनात प्रदीप गुप्ता को कारागार विभाग में तैनात किया गया है। एसएसएफ के कारागार विभाग में बतौर डीआईजी तैनात हेमंत कुटियाल को कारागार विभाग से हटाकर एसएसएफ लखनऊ में तैनात किया गया है।

अधीक्षक से 'एसपी' प्रिजन हुए कई जेल अफसर
खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है... यह कहावत कारागार विभाग के अधिकारियों पर एकदम फिट बैठती है। विभाग की कमान पुलिस अधिकारी के हाथ में आने के बाद से जेल अधिकारियों में भी खुद को पुलिस अधिकारी कहने का शौक जाग गया है। विभाग के दर्जनों की संख्या में जेल अधीक्षकों ने अपने नाम के आगे एसपी प्रिजन लिखना शुरू कर दिया है। इंस्ट्राग्राम, फेसबुक में इस सच को आसानी से देखा भी जा सकता है। मैनपुरी, फतेहगढ़, महाराजगंज जेल अधीक्षकों के नाम के आगे एसपी प्रिजन लिखा देखा जा सकता है।

विभाग में वर्तमान समय में पांच आईपीएस और तीन विभागीय डीआईजी तैनात है। आईपीएस डीआईजी में सुभाष शाक्य के पास डीआईजी मुख्यालय के साथ मेरठ जेल परिक्षेत्र का प्रभार है। इस प्रकार डीआईजी राजेश श्रीवास्तव के साथ पुलिस विभाग के साथ प्रयागराज जेल परिक्षेत्र का प्रभार है। पुलिस डीआईजी कुंतल किशोर को बरेली जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो नए आईपीएस की तैनात फिलहाल कारागार विभाग में की गई है। विभागीय डीआईजी में प्रेमनाथ पांडे को आगरा जेल परिक्षेत्र के साथ कानपुर जेल परिक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डीआईजी डॉ रामधनी को कारागार मुख्यालय के साथ लखनऊ परिक्षेत्र की भी जिम्मेदारी दी गई। वहीं दलित संवर्ग से आने वाले डीआईजी शैलेन्द्र मैत्रेय को सिर्फ अयोध्या जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसा तब है जब विभाग के प्रत्येक डीआईजी के पास दो दो जिम्मेदारियां हैं वहीं एक को सिर्फ एक परिक्षेत्र ही दिया गया है। दलित अधिकारी होने के साथ विभाग में उनकी उपेक्षा की जा रही है। उधर विभाग के आला अफसर इसे शासन का मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से बचते नजर आए।