आगरा की सूत का पट्टा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग : आग, मां-बेटी को बचाया : चौकीदार ने पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान

मंगलवार सुबह करीब चार बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। थोड़ी देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। चौकीदार ने जब आग देखी तो वह घबरा गया। उसने शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती गई।

आगरा की सूत का पट्टा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग : आग, मां-बेटी को बचाया : चौकीदार ने पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान
फैक्ट्री में लगी आग को बुझाने का प्रयास करते दमकल कर्मी।

आगरा में मंगलवार सुबह सूत का पट्टा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री के चौकीदार ने पहली मंजिल से कूदकर जान बचाई, जबकि उसकी पत्नी और बच्ची फंस गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर दोनों को बचाया। दोनों बेहोश हो गई थीं। घटना थाना एत्माद्दौला के पीलाखार की है।

गार्ड रूम में सो रही थीं मां-बेटी : कमला नगर के नटराजपुरम निवासी शिव कुमार जैन की पीलाखार में सूत का पट्टा बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री में चौकीदार मुलायम अपने परिवार के साथ रहता है। जब आग लगी तक चौकीदार पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रहा था, जबकि उसकी पत्नी पिंकी और बेटी ज्योति गार्ड रूम में सो रही थीं। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। थोड़ी देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। चौकीदार ने जब आग देखी तो वह घबरा गया। उसने शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती गई। ऐसे में आग के बीच चौकीदार ने पहली मंजिल से कूदकर जान बचाई।

छह गाड़ियों ने आग पर पाया काबू : चौकीदार ने लोगों को बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कमरे में फंसे हैं। तब तक फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और चौकीदार की पत्नी और उसकी बेटी को बाहर निकाला। आग की दहशत के चलते दोनों बेहोश हो गई थीं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां आग बुझाने में जुट गई।

गैस गोदाम को कराया गया खाली : पट्‌टा फैक्ट्री के पास अभिनव गैस एजेंसी का गोदाम है। इसमें एक हजार सिलेंडर रखे थे। आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में धमाके के साथ दीवार ढह गई। इसका मलबा गैस एजेंसी गोदाम के बाहर खडे़ सिलेंडर के ट्रक पर जा गिरा। ऐसे में गैस गोदाम तक आग पहुंचने के खतरे को देखते हुए गोदाम से सभी सिलेंडरों को बाहर निकाला गया। दमकल कर्मी सुबह साढे़ आठ बजे तक आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।