"बृज की रसोई" का मानवीय संदेश: लखनऊ में 1170 जरूरतमंदों को स्नेहपूर्वक परोसा गया पौष्टिक भोजन
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित "बृज की रसोई" के माध्यम से इस रविवार 1170 जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक नि:शुल्क पौष्टिक भोजन वितरित किया गया। संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा के नेतृत्व में चल रही यह सेवा मानवता, करुणा और सहयोग की मिसाल बन चुकी है। भोजन वितरण में सुरक्षा व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया।
| "भोजन सिर्फ जरूरत नहीं, सम्मान भी होना चाहिए।" |
लखनऊ, आशियाना। इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित बृज की रसोई' के माध्यम से प्रत्येक रविवार की भांति इस रविवार को भी एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की गई। आशियाना क्षेत्र के चिन्हित स्थानों पर एवं राह चलते, अकिंचन, निराश्रित, बेसहारा, दिव्यांग, श्रमिक व जरूरतमंद बुजुर्ग एवं बच्चों को पूरी गरिमा और स्नेह के साथ निशुल्क पौष्टिक भोजन वितरित किया गया।

संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा के नेतृत्व मे इस सेवाभावी कार्यक्रम में न केवल स्वादिष्ट बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन वितरित किया गया, जिससे लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान देखी गई।
| "जब आप किसी को खाना देते हैं, तो सिर्फ भूख नहीं मिटाते – इंसानियत को ज़िंदा रखते हैं।" |

मीडिया प्रभारी दीपक भुटियानी ने अवगत कराया कि संस्था के सदस्य और स्वयंसेवक पूरी निष्ठा से इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

भोजन वितरण के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता के सभी मानकों का भी ध्यान रखा गया।
| "सेवा का असली स्वाद तब है, जब हर निवाला स्नेह से परोसा जाए।" |

बृज की रसोई का उद्देश्य केवल भूख मिटाना नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराना है।

मुकेश कनौजिया का मानना है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही सच्ची सेवा है।
| "भूखे को रोटी देना सबसे सरल लेकिन सबसे सुंदर इंसानियत है।" |


स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि यह प्रयास न सिर्फ पेट भरता है, बल्कि दिल भी भर देता है।

दिनेश कुमार पाण्डेय बताते हैं कि कई राहगीरों और जरूरतमंदों ने भोजन प्राप्त करने के बाद आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें फिर से इंसानियत पर विश्वास दिलाते हैं।
| "एक थाली में परोसा गया प्यार, कई ज़िंदगियों में भर सकता है उजाला।" |
इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी की यह पहल एक प्रेरणा है—जो दिखाती है कि अगर इच्छा हो तो समाज की भलाई के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।

बृज की रसोई न सिर्फ भोजन देती है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और सेवा की भावना को भी जीवित रखे हुए है।

सूरज पाण्डेय ने बताया आज के इस कार्यक्रम में दाल और चावल परोसा गया जिसके अंतर्गत लगभग 1170 जरूरतमंद व्यक्तियों को नि:शुल्क एवं पौष्टिक भोजन वितरित किया गया।
| "जहाँ भूख मिटती है, वहाँ उम्मीद जन्म लेती है।" |

संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवसर पर अनेक स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में विशेष रूप से दीपक भुटियानी, संजय श्रीवास्तव, सूरज पाण्डेय, मुकेश कनौजिया, नबल सिंह, और दिनेश कुमार पाण्डेय उल्लेखनीय रूप से सक्रिय रहे।
| "भोजन देना पुण्य है, पर ससम्मान देना परम सेवा है।" |

कार्यक्रम के समापन पर संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों एवं समाजसेवियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।


