डा•अम्बेडकर दुनिया के श्रेष्ठतम विद्वान: इं•भीमराज साहब

बाबा साहब की जयंती पर बिजनौर में हुआ कार्यक्रम

डा•अम्बेडकर दुनिया के श्रेष्ठतम विद्वान: इं•भीमराज साहब
इं•भीमराज साहब

लखनऊ। भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहब डा• भीमराव अंबेडकर साहब का 134वां जन्म जयंती समारोह दिनांक 26 अप्रैल 2025 को बिजनौर रोड बन्थरा, लखनऊ में बड़े धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इं• भीमराज साहब, अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का वर्तमान लोकतंत्र भारतीय संविधान पर आधारित है। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और विस्तृत संविधान है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था, तब से अनवरत रूप से भारतीय संविधान के अनुसार भारत का लोकतंत्र क्रियाशील है। मूल अधिकारों के अतिरिक्त संविधान में राज्य के नीति- निदेशक तत्वों का विशद् वर्णन है। यद्यपि इन अधिकारों के उल्लंघन होने पर नागरिकों को न्यायालय में वाद चलाने का अधिकार नहीं दिया गया है, तथापि प्रस्तावना में निहित एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना की दृष्टि से संविधान निर्माताओं ने इसका संविधान में समावेश करना उचित माना। इसके अतिरिक्त इसमें न्यायपालिका, लोकसेवा आयोग, निर्वाचन आयोग, राष्ट्रभाषा आयोग आदि अनेक स्वाधीन संस्थाओं के संगठन एवं कार्य पद्धति से संबंधित विस्तृत एवं स्पष्ट उपबंध दिए गए हैं। संविधान निर्माताओं ने इन सब के बारे में विस्तार से उपबंधों को रखने के बारे में कहा है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो लोकतांत्रिक प्रणाली समुचित ढंग से कार्य नहीं कर सकती हैं। वर्तमान में कुछ ऐसी ताकते पैदा हो रही हैं जो भारतीय संविधान को नुकसान पहुंचाने की लगातार चेष्टा करती रहती हैं, बावजूद भारत का लोकतंत्र अभी भी अनवरत रूप से कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अमर सिंह सागर रहे।