केकेवी इंटर कॉलेज में नव संवत्सर उत्सव: आशुतोष राणा की डॉक्यूमेंट्री ने जगाई भारतीय संस्कृति की ज्योति
केकेवी इंटर कॉलेज में नव संवत्सर चेतना जागरण कार्यक्रम के तहत आशुतोष राणा की डॉक्यूमेंट्री 'नव संवत्सर' का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को भारतीय कालगणना, पंचांग और युगों की परिभाषा से अवगत कराया गया। डॉक्यूमेंट्री के बाद प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि श्री सुरेश छबलानी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 350 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और मंगलमान का 420वां ई-भंडारा भी संपन्न हुआ।
लखनऊ। 4 अप्रैल 2025: केकेवी इंटर कॉलेज के सभागार में आज नव संवत्सर चेतना जागरण के अंतर्गत सुप्रसिद्ध कलाकार आशुतोष राणा की डॉक्यूमेंट्री 'नव संवत्सर' का प्रदर्शन किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय नव संवत्सर की विशेषताओं, ऋतुओं, महीनों, वर्षों को मापने के तरीकों, युगों की परिभाषा और पंचांग आदि के बारे में व्यापक जानकारी मिली।
डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन और प्रश्नोत्तरी: डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के बाद, विद्यार्थियों से भारतीय नव संवत्सर से संबंधित प्रश्न पूछे गए, और सही उत्तर देने वालों को सम्मानित किया गया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के लखनऊ अध्यक्ष श्री सुरेश छबलानी थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अनंत प्रकाश श्रीवास्तव और श्रीमती रेवती श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अनुराग दीक्षित जी ने की।
कार्यक्रम का संयोजन और गणमान्य व्यक्ति: कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के शिक्षकों, श्री प्रशांत दीक्षित और अंकिता मैम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रिकी वर्मा, डॉ. अंकित, श्री शैलेश त्रिपाठी, श्री आशुतोष मिश्रा, श्री धर्मेंद्र, श्रीमती अवंतिका यादव, श्री अमित सक्सेना, डॉ. आशा त्रिपाठी, श्री विनोद कुमार, श्री वीरेंद्र कुमार, श्रीमती अर्चना और श्री रोहंजय पांडेय भी उपस्थित थे। मंगलमान कार्यकर्ता श्री उमेश चांदना ने मां दुर्गा की स्तुति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की, जिससे एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। इस अवसर पर नवल पांडे, सतव्रत पांडे, राजीव अग्रवाल और अनुज गौतम भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
मंगलमान संयोजक के विचार: मंगलमान संयोजक रामकुमार तिवारी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि हमें अपने महान पूर्वजों द्वारा अपनाई गई विशिष्ट काल गणना को समझने और अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। यह सही समय है कि हम गुलामी के प्रतीक चिन्हों को त्यागकर अपनी संस्कृति के जागरण का प्रयास करें।

मुख्य अतिथि का संबोधन: मुख्य अतिथि श्री सुरेश छबलानी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज उन्नत ज्ञान-विज्ञान रखते थे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्राचीन गौरवशाली संस्कृति को पुनः प्राप्त करने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए। व्यापारियों के माध्यम से भी इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, और भविष्य में इन प्रयासों को और बढ़ाया जाएगा।
विशिष्ट अतिथियों के विचार: अनुज गौतम ने बताया कि वह इसी विद्यालय के छात्र रहे हैं और आज यहां आकर उन्हें अपार हर्ष का अनुभव हो रहा है। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनंत प्रकाश श्रीवास्तव ने विद्यालय प्रबंधन को इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और सभी शिक्षकों और छात्रों को साधुवाद दिया।
हर दिन मंगल हो,हर मंगल बड़ा मंगल हो,बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो। |
प्रधानाचार्य का अध्यक्षीय उद्बोधन: प्रधानाचार्य श्री अनुराग दीक्षित जी ने सभी को ऐसे कार्यक्रमों से प्रेरणा लेने और अपनी परंपराओं और समाज को आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
ई-भंडारा और छात्रों की भागीदारी: कार्यक्रम में लगभग 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया। नव संवत्सर के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में मंगलमान का 420वां ई-भंडारा भी संपन्न हुआ, जिसका उद्घाटन अतिथियों ने किया।
| आशुतोष राणा की डॉक्यूमेंट्री 'नव संवत्सर' का प्रदर्शन। |
| भारतीय नव संवत्सर की विशेषताओं, ऋतुओं, महीनों, वर्षों को मापने के तरीकों, युगों की परिभाषा और पंचांग आदि की जानकारी। |
| विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तरी और पुरस्कार वितरण। |
| गणमान्य अतिथियों द्वारा नव संवत्सर और भारतीय संस्कृति के महत्व पर विचार। |
| लगभग 350 विद्यार्थियों की भागीदारी और ई-भंडारे का आयोजन। |


