श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन हरिनाम कीर्तन से गूंजा लखनऊ, गंगा-जमुनी तहज़ीब का दिखा अद्भुत मेल
लखनऊ के डीएवी कॉलेज परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने हरिनाम संकीर्तन और अमृतवाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा में बलराम-रेवती विवाह, सुभद्रा-अर्जुन प्रसंग और सुदामा-जगन्नाथ जी की कथा ने श्रोताओं के मन को छू लिया। कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक दिखी, जिसमें मुस्लिम समुदाय ने विशेष सहयोग दिया। समापन पर आरती, प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन हुआ। महाराज जी ने सिविल डिफेंस वार्डनों को सम्मानित कर कथा को विश्राम दिया।
लखनऊ। डी.ए.वी. कॉलेज परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन शनिवार को हुआ। कथा के अंतिम दिन पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने हरिनाम संकीर्तन और श्रीमद्भागवत की अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल "हरे कृष्ण, हरे राम" के जयघोष से गूंज उठा।
महाराज जी ने जीवन के परम उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए राधा रमण नाम संकीर्तन के महत्व को रेखांकित किया। कथा में बलराम और रेवती के विवाह का वर्णन किया गया, जिसमें भक्तों ने प्राचीन कथाओं के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। इसी क्रम में सुभद्रा और अर्जुन के विवाह प्रसंग और विदाई के दौरान प्रस्तुत भावनात्मक कथा ने उपस्थित जनसमुदाय को अत्यधिक प्रभावित किया। इसके अतिरिक्त सुदामा और भगवान जगन्नाथ के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति और सखा भाव का संदेश दिया।

कथा के समापन पर महाराज जी ने शुकदेव के प्रतीक स्वरूप एक पिंजरे में रखे तोते को मुक्त कर पर्यावरण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया। कार्यक्रम में सेवा कार्य में योगदान देने वाले सिविल डिफेंस के वार्डनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस आयोजन में लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक देखने को मिली। कथा के संचालन में मुस्लिम समुदाय ने भी सक्रिय सहयोग दिया। महाराज जी ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए इसे लखनऊ की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर माजिद अली खान,नफीस अहमद ,शाजिया सिद्दीकी, मोहम्मद शफीक, सज्जाद अली ,वारिस अली खान ,जावेद जैदी ,इसरार अहमद, मोहम्मद कासिम ,अब्दुल सबूर, सैयद अहमद ,हैदर रजा ,फारूक अली, दिलशाद अहमद, खालिद खान,खलीक ,किशवर जहा, फैसल मुजीब ,मोहम्मद सिद्दीक, मोहम्मद उरूज ,अब्दुल मोइद, मोहम्मद हबीब अंसारी ,मोहम्मद अहमद,नेहा सिद्दीकी, मोहम्मद हनीफ ,अयाजुद्दीन सिद्दीकी सहित मुस्लिम व्यक्तित्वों ने अपनी उपस्थिति और सेवा से आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम का समापन हरिनाम संकीर्तन, आरती, प्रसाद वितरण और भंडारे के साथ हुआ। आयोजन में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्य अमरनाथ मिश्र, लोकेश अग्रवाल, मनोज राय, सुनील मिश्रा और मनोज अग्रवाल ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस आयोजन ने न केवल धर्म और भक्ति के महत्व को उजागर किया, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।


