नए डीआईजी को लेकर शासन मुख्यालय में चल रहा मंथन

कल होगी डीआईजी कारागार मुख्यालय की विदाई लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी की मजबूत दावेदारी तीन विभागीय डीआईजी में होगा नए डीआईजी का चयन

नए डीआईजी को लेकर शासन मुख्यालय में चल रहा मंथन
जेल मुख्यालय

लखनऊ। कारागार मुख्यालय में तैनात डीआईजी आरएन पाण्डेय 30 नवंबर को सेवानिवृत होंगे। इनका विदाई समारोह कल (शुक्रवार) को मुख्यालय के सभागार में होगा। मुख्यालय में पांच दिन का सप्ताह होने की वजह से एक दिन पहले उन्हें सेवानिवृत होने के विदाई दी जाएगी। मुख्यालय के नए डीआईजी की तैनाती को लेकर शासन और मुख्यालय में मंथन शुरू हो गया है। लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी की नए डीआईजी मुख्यालय पर तैनाती को सबसे मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। उधर विभाग के आला अफसर इस मसले पर कोई भी टिप्पणी करने से बचते नजर आ रहे है। वर्तमान समय में विभाग में तीन विभागीय डीआईजी तैनात है। शासन को इन्हीं तीन में एक का चयन करना है।

वर्तमान समय में विभाग में डीआईजी मुख्यालय आर एन पाण्डेय के साथ तीन और डीआईजी तैनात है। आर एन पाण्डेय के पास जेल मुख्यालय के साथ कानपुर जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी है। वह 30 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं। इसके अलावा तीन डीआईजी और डीआईजी तैनात है। इनमें से ही नए डीआईजी मुख्यालय का चयन होना है। पी एन पाण्डेय के पास आगरा परिक्षेत्र, रामधनी के पास लखनऊ परिक्षेत्र और शैलेन्द मैत्रेय के पास अयोध्या जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी है। आरएन पांडेय के सेवानिवृत होने के बाद कारागार मुख्यालय में तैनाती के लिए पी एन पांडेय, रामधनी और शैलेन्द्र मैत्रेय मुख्य रूप से दावेदार माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि वर्तमान डीजी पुलिस/आईजी जेल के बात बात पर स्पष्टीकरण, नोटिस, निलंबन की धमकी दिए जाने की वजह से विभाग का कोई भी अधिकारी, कर्मचारी के साथ कोई भी डीआईजी इनके साथ काम करने को तैयार नहीं है। मुख्यालय के कई अधिकारियों और बाबुओं को नोटिस दिया भी जा चुका है। डीआईजी आरएन पांडेय को आगरा जेल परिक्षेत्र में तैनात रहते हुए डीआईजी कारागार मुख्यालय बनाया गया था। पहली दावेदारी आगरा परिक्षेत्र के डीआईजी पी एन पांडेय की मानी जा रही है। दूसरी दावेदारी अयोध्या परिक्षेत्र में तैनात शैलेन्द्र मैत्रेय की मानी जा रही है। पूर्व डीजी जेल के कार्यकाल में डीआईजी मुख्यालय का प्रभार संभाल चुके शैलेन्द्र मैत्रेय को वर्तमान आईजी जेल पसंद नहीं करते है। इन्हें पिछले दिनों मुख्यालय और जेल प्रशिक्षण संस्थान से हटाकर अयोध्या परिक्षेत्र में तैनात कर दिया गया था। तीसरी दावेदारी मुख्यालय में बैठकर लखनऊ परिक्षेत्र का प्रभार संभाल रहे रामधनी की है। 

सूत्रों का कहना है कि लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी रामधनी की कारागार मुख्यालय का नया डीआईजी मुख्यालय बनाए जाने की प्रबल संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। चर्चा है कि वर्तमान डीजी/आईजी जेल को वह अधिकारी पसंद है जो बगैर किसी विरोध के जारी आदेशों और निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराए। इस नजरिए से लखनऊ परिक्षेत्र के डीआईजी की कारागार मुख्यालय में डीआईजी मुख्यालय की तैनाती को सबसे मजबूत माना जा रहा है। उधर इस संबंध में जब विभाग के आला अफसरों से संपर्क लिया गया तो उन्होंने इसे शासन का मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।