बेसहारा बच्चों और आवासहीनों का सहारा बन रही इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी

इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी इन बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और उन्हें मूलभूत जनरूरतें पूरी करने के लिए अभियान चला रही है। विपिन शर्मा ने बताया कि ऐसे बच्चे उचित देखभाल के अभाव में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होते जा रहे है ।

बेसहारा बच्चों और आवासहीनों का सहारा बन रही इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी
इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित ब्रज की रसोई

लखनऊ। इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित ब्रज की रसोई बेसहारा, अकिंचनो और लावारिसों की सेवा में जुटी है आज ब्रज की रसोई परिवार के सदस्यों ने आवासहीन, अकिंचन बच्चों और नागरिकों को पूड़ी सब्जी बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। इस आयोजन को इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी ने अपने मार्गदर्शन में संपन्न कराया ।

इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के संस्थापक विपिन शर्मा को आज झुग्गी झोपडी में अस्थायी तौर पर रह रहे अकिंचन, आवासहीन परिवारों और बेसहारा बच्चों की जानकारी मिली । इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी इन बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और उन्हें मूलभूत जनरूरतें पूरी करने के लिए अभियान चला रही है। विपिन शर्मा ने बताया कि ऐसे बच्चे उचित देखभाल के अभाव में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होते जा रहे है । ये बच्चे स्कूली शिक्षा से भी वंचित हैं इसलिए इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के सदस्यों ने इन बच्चों में आधारभूत ज्ञानबोध जगाने की मुहिम चला रखी है।

संस्था के राष्ट्रीय महासचिव नीरज शर्मा का कहना है कि ये बच्चे और उनके अभिभावक स्वयं को समाज से कटा हुआ महसूस न करें इसके लिए इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के सदस्यों ने मिल जुलकर इन बच्चों के साथ यदि त्यौहार मनाया तो उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का माहौल बन सकेगा।

संस्था परिवार के संरक्षक अनिल शुक्ला , संतोष त्रिपाठी और अन्य साथियों ने साथ मिलकर बच्चों के लिए पूरी सब्जी  भोजन के पैकेट बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने का प्रयास किया। इस अवसर पर आलोक पाठक ने बताया कि इन बच्चों के आधारकार्ड नहीं हैं जिससे इनकी पहचान करना कठिन होता है। हमारा प्रयास है कि इनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए इनके आधार कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें असामाजिक तत्वों के षड़यंत्रों से बचाया जा सके। झुग्गी झोपडी में रह रहे इन बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश लाने के लिए इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के यूथ वालिंटियर हर्षित अवस्थी, गगन शर्मा, आशीष श्रीवास्तव आदि भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।

इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजीव पाण्डेय ने बताया कि संस्था बेसहारा एवं गरीब परिवारों के लिए निःशुल्क भोजन और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्थाएं करती है। आज प्रवासी मजदूरों, बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए संस्था ने जो भोजन के पैकेट वितरित किए। प्रत्येक बच्चे को सपने देखने और ऊंची उड़ान भरने का समान अधिकार है। इसलिए, हमने अपने बच्चों के भोजन के लिए किराने का सामान जुटाने के लिए एक अभियान शुरू किया है।

हम आप सभी से आग्रह करते हैं कि हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के उद्देश्य को पूरा करने में हमारी मदद करें। आपके उदार योगदान के बिना, हमारे लिए इन वंचित बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। कृपया इस अभियान का समर्थन करें और अधिक से अधिक गरीब बच्चों की सेवा करने और उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमारे कंधो को मजबूत करने में हमारी मदद करें।

आज के इस कार्यक्रम में शामिल अनिल शुक्ला, अशोक अवस्थी, श्यामजी त्रिपाठी (RSS), कमलेश सिंह(पार्षद), आलोक पाठक, आदित्य गुप्ता, गगन शर्मा, रवि अवस्थी, उमेश मिश्रा, रजनीश मिश्रा, हर्षित अवस्थी, अनुज द्विवेदी, सौरभ, के. एस. दुबे, श्रुति अवस्थी सहित सभी समाजसेवी सज्जनों का इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के संस्थापक विपिन शर्मा ने आभार व्यक्त किया l