शरीर में रोमांच और गर्व का संचार करती परेड-दारा सिंह चौहान

लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के 40 प्रशिक्षु डिप्टी जेलर और 128 प्रशिक्षु जेल वार्डर शामिल हुए। मुख्य अतिथि कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएँ दीं। प्रशिक्षण में जेल प्रबंधन, कानून, अपराध विज्ञान एवं आधुनिक न्याय प्रणाली से जुड़े विषयों पर गहन अध्ययन कराया गया। इस अवसर पर आईजी जेल पी.वी. रामा शास्त्री ने प्रशिक्षुओं को बधाई दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनन्या अत्री और प्रदीप सिंह को ‘बेस्ट कैडेट’ चुना गया।

शरीर में रोमांच और गर्व का संचार करती परेड-दारा सिंह चौहान
दीक्षांत परेड समारोह

डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में मनाया गया

दीक्षांत परेड समारोह

लखनऊ। पुरानी जेल रोड स्थित संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान शामिल हुए। इस परेड में प्रदेश के 40 प्रशिक्षु डिप्टी जेलर तथा 128 प्रशिक्षु जेल वार्डर शामिल हुए। 

इस अवसर पर कारागार मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी प्रशिक्षु डिप्टी जेलर और जेल वार्डरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि परेड से शरीर में रोमांच और गर्व का संचार होता है। उन्होंने बताया कि ’डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान 1940 में स्थापित होने के बाद एशिया का पहला जेल प्रशिक्षण संस्थान बना, जहाँ न केवल भारत बल्कि नेपाल, तंजानिया, सूडान जैसे देशों के कारागार कर्मियों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब तक 1,679 अधिकारी और 13,149 जेल वार्डर इस संस्थान से प्रशिक्षित होकर सेवा दे चुके हैं।

कार्यक्रम में आईजी जेल पीवी. रामा शास्त्री ने सभी प्रशिक्षुओं को दीक्षांत परेड की सफलता पर बधाई देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि ’प्रशिक्षण के दौरान आचरण नियम, नए आपराधिक कानून, जेंडर संवेदीकरण, ई-प्रिज़न, मनोविज्ञान, अपराध शास्त्र, समाजशास्त्र, जेल मैनुअल आदि विषयों पर गहन अध्ययन कराया गया। पहली बार पुलिस विभाग के साथ तालमेल बैठाते हुए प्रशिक्षुओं को पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। जिससे उनकी व्यावहारिक दक्षता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, तीनों नए आपराधिक कानूनों पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि आधुनिक न्याय प्रणाली की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षु अधिकारी और कर्मी अपने कर्तव्यों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें। इस वर्ष के प्रशिक्षु डिप्टी जेलरों में 13 महिला अधिकारी शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। प्रशिक्षुओं की शैक्षणिक योग्यता भी उल्लेखनीय रही, जिसमें 13 बीटेक, 2 एमटेक, 7 बीएए 5 एमए., 11 बीएससी और 2 एमएससी डिग्री धारक शामिल हैं। प्रशिक्षण सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेस्ट कैडेट डिप्टी जेलर संवर्ग में अनन्या अत्री और जेल वार्डर संवर्ग में उत्तराखंड के प्रदीप सिंह को चुना गया। प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजनों ने भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लिया।