परमपूज्य आदिगुरु महात्मा श्री रामचंद्र जी महाराज (पूज्य लाला जी महाराज) का 152वां जन्मोत्सव भव्य रूप से संपन्न
लखनऊ के सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-D, LDA कॉलोनी, कानपुर रोड में 1 से 3 फरवरी 2025 तक परमपूज्य आदिगुरु महात्मा श्री रामचंद्र जी महाराज (पूज्य लाला जी महाराज) फतेहगढ़ का 152वां जन्म दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में लखनऊ समेत कानपुर, हरदोई, बाराबंकी, जौनपुर व अन्य जिलों से सहज मार्ग के अभ्यासी शामिल हुए। ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था के बीच साधना, ध्यान और प्रवचनों का आयोजन हुआ। मुख्य व्यवस्था की ज़िम्मेदारी सुनील कुमार व कैप्टन वी. वी. सिंह ने निभाई। साधकों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष बताया।
लखनऊ। सहज मार्ग के संस्थापक परमपूज्य आदिगुरु महात्मा श्री रामचंद्र जी महाराज (पूज्य लाला जी महाराज) फतेहगढ़ का 152वां जन्म दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह दिव्य आयोजन 1, 2 और 3 फरवरी 2025 को सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-D, LDA कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर सहज मार्ग के अनेक अभ्यासी भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। लखनऊ के अलावा कानपुर, हरदोई, बाराबंकी, जौनपुर और अन्य जिलों से भी श्रद्धालु भक्तों ने इस आध्यात्मिक आयोजन में भाग लिया।
तीन दिवसीय इस समारोह में साधना, ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचनों का विशेष आयोजन किया गया। साधकों के लिए ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। सभी के लिए रजाई-गद्दों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उचित व्यवस्था की गई थी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम की मुख्य व्यवस्था की ज़िम्मेदारी सुनील कुमार और कैप्टन वी. वी. सिंह ने संभाली। उनके कुशल नेतृत्व और अनुशासन के साथ यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सहज मार्ग के साधकों ने इस आयोजन को दिव्य अनुभूति से भरपूर बताते हुए कहा कि यह अवसर उनकी साधना और आंतरिक शांति को और अधिक गहरा करने में सहायक रहा।
सहज मार्ग एक आध्यात्मिक पद्धति है जो ध्यान और आंतरिक संतुलन के माध्यम से आत्मविकास को प्रोत्साहित करती है। परमपूज्य महात्मा श्री रामचंद्र जी महाराज (पूज्य लाला जी महाराज) ने इस मार्ग की आधारशिला रखी, जिसका उद्देश्य साधकों को एक सरल और सहज साधना पद्धति के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाना है।

इस आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गहन ध्यान और साधना में भाग लिया। सभी ने अपने अनुभव साझा किए और इस दिव्य अवसर को अपनी आध्यात्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तों ने इस पावन अवसर को स्मरणीय बताते हुए आयोजकों का धन्यवाद किया।
यह आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मविकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे सहज मार्ग की साधना को निरंतर जारी रखेंगे और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को सशक्त रूप से अपनाएंगे।


