अलीगढ़ में ई-बसों के संचालन पर रोक : कानपुर में हुए हादसे के बाद रोडवेज ने ड्राइवरों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया, 3 दिन बाद सेवाएं शुरू होंगी

अलीगढ़ में 25 ई बसों के संचालन के लिए रोडवेज के पास 30 ड्राइवर और 39 कंडक्टर हैं। लेकिन बसों का संचालन शुरू करने से पहले किसी को भी ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। जिसके बाद अलीगढ़ के दो रूटों पर बसें चलनी शुरू भी हो गई थी। लेकिन कानपुर में हादसा होते ही विभाग ने तत्काल बसों के संचालन को रोक दिया और सभी ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए बुला लिया है।

अलीगढ़ में ई-बसों के संचालन पर रोक : कानपुर में हुए हादसे के बाद रोडवेज ने ड्राइवरों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया, 3 दिन बाद सेवाएं शुरू होंगी
अलीगढ़ में ई-बसों के संचालन पर रोक

कानपुर में इलेक्ट्रिक बसों से हुए हादसे के बाद अलीगढ़ में बसों का संचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ई-बसों के सभी ड्राइवरों को ट्रेनिंग के लिए बुला लिया गया है। अलीगढ़ में वर्तमान में 5 ई बसें संचालित की जा रही थी, जो दो रूटों पर चल रही थी। लेकिन कानपुर हादसे के बाद बसों के संचालन को रोक दिया गया है। ड्राइवर और कंडक्टर की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही अब शहर में बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल सभी बसों को डिपो में ही खड़ा कर दिया है।

सभी ड्राइवरों को 3 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा : अलीगढ़ में 25 ई बसों के संचालन के लिए रोडवेज के पास 30 ड्राइवर और 39 कंडक्टर हैं। लेकिन बसों का संचालन शुरू करने से पहले किसी को भी ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। जिसके बाद अलीगढ़ के दो रूटों पर बसें चलनी शुरू भी हो गई थी। लेकिन कानपुर में हादसा होते ही विभाग ने तत्काल बसों के संचालन को रोक दिया और सभी ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए बुला लिया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी ड्राइवरों को कानपुर में 3 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ड्राइवरों को कानपुर भेजा जा रहा है। तीन दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब ड्राइवर वापस लौटेंगे तो ही अलीगढ़ में बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।

दो रूटों पर चल रही पांच बसें : अलीगढ़ में संचालन के लिए रोडवेज को 25 ई-बसें मिली थी। इनका संचालन जिले के विभिन्न रूटों पर किया जाना था। इसमें से जिले के दो रूट पर 5 बसों का संचालन बीते दिनों शुरू किया जा चुका है। पहले चरण में बसों का संचालन हरदुआगंज से खेरेश्वर और बौनेर से सारसौल रूट पर किया जा रहा है। लेकिन कानपुर की घटना होते ही इनके संचालन पर ब्रेक लगा दी गई है।

टारगेट पूरा करने में पिछड़े : विभाग की माने तो अभी अलीगढ़ में चलने वाली बसों को औसत यात्री भी नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण बसें घाटे में जा रही हैं। 28 सीटर इन बसों के हर दिन अपने निर्धारित रूट पर चक्कर लगने हैं और विभाग ने औसत 1350 यात्रियों का टारगेट तय किया था। लेकिन वर्तमान में बसों में हर दिन 800-1000 यात्री ही सफर कर रहे हैं। जिससे हर दिन विभाग को लगभग 400-500 सवारियों का नुकसान हो रहा है। जिसकी भरपाई करने और सवारियां बढ़ाने के लिए लगातार विभाग प्रयास कर रहा है।

ई-बस सेवा इंचार्ज सतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बसों के बेहतर संचालन के लिए ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद बसों का संचालन पुन: शुरू किया जाएगा।