झांसी में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध अवस्था में मौत : दो साल से काम कर रही थी छात्रा, कमरे में सिरिंज और इंजेक्शन मिला, अस्पताल से नाइट ड्यूटी करके लौटी थी
महोबा के कुलपहाड़ निवासी रोशनी (20) पुत्री मुन्ना कोरी और उरई की पूनम सतना के सार्थक नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम कर रही थी। दोनों पढ़ाई के साथ करीब दो साल से झांसी के सरोज अस्पताल में जॉब करती थी और गुमनाबारा स्थित अस्पताल के क्वार्टर में एक ही कमरे में रहती थी।....
झांसी में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। वह निजी अस्पताल से नाइट ड्यूटी करके सहेली के साथ कमरे पर लौटी थी। सहेली ने ही उसे बेड पर बेसुध अवस्था में पड़ा देखा। पास में एक सिरिंज और एक इंजेक्शन मिला है। आशंका है कि इसी के सेवन से उसकी मौत हुई है। पुलिस ने शव काे मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर में रखवाया है। आज पोस्टमार्टम होगा।
दो साल से काम कर रही थी छात्रा : महोबा के कुलपहाड़ निवासी रोशनी (20) पुत्री मुन्ना कोरी और उरई की पूनम सतना के सार्थक नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम कर रही थी। दोनों पढ़ाई के साथ करीब दो साल से झांसी के सरोज अस्पताल में जॉब करती थी और गुमनाबारा स्थित अस्पताल के क्वार्टर में एक ही कमरे में रहती थी। पूनम ने बताया कि रविवार रात को दोनों की अस्पताल में नाइट ड्यूटी थी। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे दोनों ड्यूटी करके कमरे पर पहुंची।
रोशनी ने जीएनएम सेकंड ईयर के पेपर दिए थे। जिसका अभी रिजल्ट नहीं आया था।

डॉक्टर के कहने पर सर्च किया तो मिला इंजेक्शन : पूनम ने बताया कि ड्यूटी से लौटने के बाद उसने रोशनी को चाय या दूध पीने के लिए कहा। तब उसने मना कर दिया। वह दूध पीकर नहाने के लिए चली गई। लौटकर आई तो रोशनी बेड पर लेटी थी। इसके बाद वह फोन पर बहन से बात करने लगी। थोड़ी देर बाद जब उसने रोशनी को खाने के लिए कहा तो उसने कोई जबाव नहीं दिया। देखा तो वह बेड पर बेसुध पड़ी थी। तब अस्पताल के डॉक्टर को कॉल किया। इसके बाद रोशनी को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में भर्ती करवाया था। डॉक्टर ने कहा कि रोशनी ने कुछ लगाया है तो पूनम और पड़ोस की भाभी के साथ कमरे पर पहुंची। सर्च करने पर उसे बेड के पास एक इंजेक्शन और सिरिंज मिली। इलाज के दौरान रोशनी की मौत हो गई। पूनम के फोन करने पर रोशनी का भाई व अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे।
मौत पर उठ रहे हैं सवाल : जीएनएम छात्रा ने कुछ समय पहले ही सेकंड ईयर के पेपर दिए थे, जिसका अभी रिजल्ट नहीं आया था। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज के नामी डॉक्टर सरोज अस्पताल में काम करते हैं। छात्रा की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रोशनी पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
सिर में चोट की बात लिखी, पर है नहीं : भाई अरविंद ने बताया कि अस्पताल वाले बहन रोशनी के सिर में चोट होने की बात कह रहे हैं। कागजों में भी सिर में चोट होने की बात लिखी गई, लेकिन उन्होंने पूरे चेक कर लिया सिर में कोई चोट नहीं है। बहन कोई घटना बड़ी की शिकार हुई है। पुलिस जांच कर हमें इंसाफ दिलाए।


